Not a single fake currency is recovered during demonetisation: FM
नई दिल्ली. 8नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा के समय और उसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि नोटबंदी से देश में फेक करेंसी पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। लेकिन, सरकार की पूरी कवायद के बाद अब खोदा पहाड़ और निकली चूहिया वाली नजर आ रही है।

दरअसल, संसदीय लोक लेखा समिति के सामने वित्तमंत्रालय के अफसरों ने कबूला है कि नोटबंदी के बाद देशभर में जितनी भी छापेमारी की गई, उनमें से कहीं पर भी फेक करेंसी पकड़े जाने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है। इसके बाद एक बार फिर सरकार विपक्ष के निशाने पर है,क्योंकि जिन उद्देश्यों को लेकर सरकार ने द्वारा नोटबंदी की घोषणा की गई थी। उन में से एक भी हासिल होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।
Not a single fake currency is recovered during demonetisation: FM
हालांकि, वित्तमंत्रालय के अफसरों ने बताया कि नोटबंदी के बाद 9 नवंबर से 4 जनवरी तक आयकर विभाग द्वारा अलग-अलग पर की गई छापेमारी की कार्रवाई में 474.37 करोड़ रुपए के नए-पुराने नोट जब्त किए है। लेकिन, उनमें एक भी जाली नोट नहीं था। इसके साथ ही मंत्रालय के अफसरों ने यह भी बताया कि उनके पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक जिन लोगों से ये पैसे पकड़े गए हैं उनका किसी आतंकी समूह या तस्करों से कोई संबंध नहीं था।
फेक करेंसी का किया था दावा
गौरतलब है कि इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और सरकार दोनों ने दावा किया था कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि भारतीय करेंसी के जाली नोटों की मदद से ही आंतकवाद और ड्रग्स का कारोबार भारत में फल-फूल रहा है।
बैकफुट पर सरकार
वित्त मंत्रालय के अफसरों की स्वीकारोक्ति चौंकाने वाला है, क्योंकि नोटबंदी की घोषणा करते वक्त सरकार और इसके बाद सरकार व सत्ताधारी भाजपा पार्टी ने खूब प्रचार किया था कि इससे जाली नोटों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह भी कहा गया था कि नोटबन्दी से आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में भी काफी मदद मिलेगी। लेकिन वित्तमंत्रालय द्वारा बताये अनुसार ये बातें उन दावों के उलट साबित हो रही हैं। जिससे सरकार बैकफुट आ सकती है।
100 फीसदी ज्यादा जब्त हुई कीमती वस्तुएं
हालांकि, वित्तमंत्रालय के अधिकारियों ने यह जरूर माना है कि नोटबंदी के दौरान कीमती वस्तुओं को जब्त करने के मामलों में जरूर करीब 90 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा अघोषित आय को घोषित करने के मामलों में भी 51 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
10 फरवरी को फिर होगी पेशी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वित्तमंत्रालय के दायरे में आने वाले रेवन्यू,एक्सपेंडिचर,आर्थिक मामले और आर्थिक सेवाओं के विभागों के सचिव 10 फरवरी को फिर से संसदीय लोक लेखा समिति के सामने पेश होंगे।

Author: Harlal

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