पंजाब विधानसभा चुनाव: सभी राजनितिक दल ‘आम आदमी पार्टी’ को असली चुनौती मान रहे

पंजाब में 4 फरवरी को एक ही चरण में 117

पंजाब विधानसभा चुनाव: सभी मुख्य राजनितिक दल ‘आम आदमी पार्टी’ को असली चुनौती मान रहे है पंजाब के विधानसभा चुनावों में पहली बार उतर रही आम आदमी पार्टी(आप) को राज्य की मुख्य पारंपरिक पार्टियों ने ‘बाहरी’ कहकर नकारने की कोशिश जरूर की है, लेकिन इन सबका आप पर खास असर दिख नहीं रहा। राज्य की अवाम में अंदर-अंदर पैठ बना चुकी आप में इस बार सभी मुख्य दलों को अपनी-अपनी सबसे बड़ी चुनौती नजर आ रही है। पंजाब के ग्रामीण इलाकों के युवा मतदाताओं, खासकर दलित समुदाय से आने वाले युवा मतदाता आप के समर्थन में नजर आ रहे हैं। चंडीगढ़ से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित समराला कस्बे में टैक्सी चालक हैप्पीसिंह ने कहा, “आप पार्टी (ग्रामीण इलाकों में आप को इसी तरह पुकारा जा रहा है) की ओर युवा आकर्षित हो रहे हैं ओर अन्य मतदाता भी अकालीदल-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस से दूर हुए हैं।”

पंजाब में 4 फरवरी को एक ही चरण में सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा, ज़िसमें आप ने सभी 117 सीटों पर अपने प्रत्याशी ऊतारे है। आप ने अब तक अपने मुख्यमंत्री प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है और चुनाव प्रचार के लिए बड़ी संख्या में उसके कार्यकर्ता लगे हुए हैं।

लोकसभा चुनाव-2014 में आप जीत चुकी पंजाब में चार सीटे

लोकसभा चुनाव-2014 में पंजाब की 13 सीटों में से चार पर आप के सांसद चुनकर आए, जिसके बाद से ही पंजाब में आप का अच्छा आधार माने जाने लगा है। संगरूर जिले के कृषि मामलों के जानकार सवरन सिंह ने आईएएनएस से कहा, “सच्चाई यह है कि अकाली-दल-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस सभी आप को अपना-अपना मुख्य विपक्षी मान रही है और इससे साफ जाहिर होता है कि आप ने तीन साल से भी कम समय में पंजाब में अपनी जड़ें गहरी कर ली हैं। राज्य की जनता उन्हीं पुराने नेताओं से तंग आ चुके हैं और अकाली और कांग्रेस के नेता वही पुरानी योजनाओं का प्रलोभन दे रहे हैं।”

आप पंजाब में इकाई में आंतरिक भी उभरे लेकिन समय रहते निपटा लिये गये

आप की पंजाब इकाई में कुछ आंतरिक विवाद भी उभरे और पार्टी ने राज्य के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर को बर्खास्त किया। इसके अलावा टिकट बंटने से पहले और बाद में भी अंदर और बाहर से विरोध की खबरें आईं। इन सबके बावजूद पार्टी नेतृत्व को राज्य में बहुमत मिलने का भरोसा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद पंजाब में आप को 75 से 100 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा था। लेकिन तब से स्थिति काफी बदल चुकी है और कांग्रेस ने पंजाब में मुख्यमंत्री प्रत्याशी अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

अमरिंदर सिंह का कहना है, “हम दो तिहाई बहुमत हासिल करने जा रहे हैं और अकालियों के माफियाराज को खत्म करने वाले हैं। आप और अकाली दूसरे और तीसरे स्थान के लिए आपस में लड़ रहे हैं।” पंजाब के कृषि प्रधान मालवा बेल्ट में आप को अच्छा समर्थन मिल रहा है। सतलुज नदी के दक्षिणी हिस्से में स्थित मालवा बेल्ट के अंतर्गत संगरूर, पटियाला, मनसा, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट और फाजिल्का जिले आते हैं। मालवा बेल्ट में 70 विधानसभा सीटें आती हैं।
अमृतसर दक्षिण विधानसभा सीट से आप प्रत्याशी पेशे से चिकित्सक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा, “हम व्यास नदी के उत्तर में स्थित माझा बेल्ट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इस इलाके में आप को नागरिकों का जोरदार समर्थन है।” आप यदि पंजाब में सत्ता के लिए मजबूत दावेदारी पेश करना चाहती है तो उसके नेताओं को ब्यास और सतलुज नदियों के बीच स्थित दोआबा और माझा इलाके में कठिन मेहनत करनी होगी। आप के समर्थन में बड़ी संख्या में अप्रवासी(NRI) भारतीय भी पंजाब में चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं, जो आप के लिए मददगार साबित हो सकती है।
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Author: Harlal

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