नई दिल्ली: सियासी चुनावी दांव पेंच के बीच भाजपा भंवर में फसती दिखाई दे रही है। केन्द्रीय रक्षामंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर पार्रिकर को उनकी बयानबाजी भारी पड़ गयी। पार्रिकर की एक बड़ी चूक का खामियाजा पार्टी को भी उठाना पड़ सकता है। दरअसल चुनाव आयोग ने पार्रिकर के घूस लेने वाले बयान पर तीखे तेवर करते हुए दो दिन में जवाब-तलब मांगा है। बता दें चुनाव आयोग का यह कदम केजरीवाल की शिकायत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है पिछले दिनों भाजपा ने ही केजरीवाल के खिलाफ चुनाव आयोग में दर्ज करवाया था।

भाजपा भंवर में…

बताते चले कि चुनाव आयोग ने इस मुद्धे को प्रथम दृष्टा में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की शिकायत पर स्थानीय चुनाव अधिकारियों द्वारा ये नोटिस जारी किए गए हैं।

आयोग ने शुक्रवार अपराह्न तक पर्रिकर को इस नोटिस का जवाब देने को कहा है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर आप नोटिस का जवाब देने में नाकाम रहते हैं तो आगे कार्रवाई की जाएगी।

आयोग ने रक्षामंत्री को उनके 29 जनवरी को दिए गए विवादित बयान को लेकर नोटिस भेजा है। इस बयान में पार्रिकर ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कोई रैली का आयोजन करता है और आपको 500 रुपये देकर उम्मीदवार के साथ रैली में चलने को कहता है तो इसमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन जब आप वोट कीजिए तो भाजपा के कमल के निशान पर ही करिए।”
चुनाव आयोग ने सीधे तौर पर इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को नोटिस देकर इसका वाजिब जवाब मांगा है।

Author: Harlal

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