जयपुर – राजस्थान में भाजपा नेता अशोक परनामी के प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अब पार्टी की प्रदेश में अध्यक्ष पद की कमान सौंपने के लिए नए चेहरे की खोज चल रही है। नए अध्यक्ष की सभावित नामों की सूची में संघ के नजदीकी रहे और केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत सबसे आगे चल रहे है। हालांकि शेखावत के नाम पर अभी तक पार्टी भाजपा नेतृत्व की और आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन उनकी ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है।

शेखावाटी से बीजेपी की कमान सभालने वाले चौथे नेता होंगे…

गजेन्द्र सिंह शेखावत अगर अध्यक्ष बनते हैं तो वे शेखावाटी के ऐसे चौथे नेता होंगे जो पार्टी भाजपा नेतृत्व की कमान संभालेंगे। इससे पहले भी रहे भाजपा के अध्यक्षों में से तीन शेखावाटी के ही थे। गजेन्द्र सिंह चौथे अध्यक्ष होंगें जिनकी कर्म भूमि भलेही जोधपुर रही हो, लेकिन जन्मभूमि शेखावाटी ही है। गजेंद्र शेखावाटी के सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील के महरोली गांव से है।

गजेंद्र से पहले भी शेखावाटी के कई नेता भाजपा और यहां तक कि जनसंघ नेतृत्व की कमान संभाल चुके है। जनसंघ के जमाने में पार्टी की कमान शेखावाटी के सीकर जिले के दांतारामढ़ के मदनसिंह दांता और सीकर के ही जगदीश माथुर के हाथों में प्रदेश में की बागडोर संभाल चुके है। जनसंघ के बाद जब भाजपा ने मूर्त रूप लिया तब भी पहली बार प्रदेश की कमान भी शेखावाटी के सीकर के जगदीश माथुर के ही हाथ रही। वे पार्टी के पहले प्रदेशाध्यक्ष (1980-81) बने।

उनके बाद फिर पार्टी की कमान शेखावाटी को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले हरिशंकर भाभड़ा के हाथ में आई। भाभड़ा ने 1981 से 1986 तक पार्टी की कमान संभाली। भाभड़ा मूलत नागौर जिले के डीडवाना के हैं, लेकिन उनकी कर्मभूमि चूरू की रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र रही है। उसके बाद लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर 2006 में पार्टी की कमान संघ पृष्ठभूमि के चूरू के डॉ. महेशचन्द्र शर्मा के हाथों सौंपी गई। शर्मा 2008 तक पार्टी के प्रदेश मुखिया रहे। अब उसके बाद पार्टी की निगाह अब एक बार फिर शेखावाटी में जन्मे गजेन्द्र सिंह शेखावत पर है।

Author: Harlal

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